Hindu Muslim Ekta Shayari and Quotes In Hindi

Shayari and quotes advocating for Hindu-Muslim unity serve as powerful instruments in bridging religious, caste, and cultural gaps, encouraging collective advancement. They echo sentiments of inclusivity and coexistence, portraying messages such as “Strength resides in the unity of Hindus and Muslims, the cornerstone of our nation’s unity.” Such expressions highlight the necessity of harmony amidst diversity, fostering mutual respect and understanding. These verses and quotes not only celebrate the richness of diversity but also emphasize the importance of solidarity in the face of adversity.

In a world often marked by division, these words serve as beacons of hope, reminding us of the shared humanity that transcends religious identities. They promote the idea that despite our differences, we are bound together by common values and aspirations. By promoting social cohesion and mutual respect, they contribute to the creation of a more tolerant and inclusive society.

Moreover, these shayaris and quotes play a vital role in promoting peacebuilding efforts, countering divisive narratives, and fostering a sense of belonging among diverse communities. They remind us that our strength lies in our ability to embrace diversity and work together towards a shared future. In essence, they serve as a reminder of the beauty and strength that emerges when people of different backgrounds come together in unity.

“कुछ जाते है मंदिरो में, कुछ मस्जिदों की राह अपनाते है
पर मक़सद तो सबका एक ही, जिसे लोग ख़ुशी की फ़रियाद कहते है”

“न ही फर्क एक तिनके का भी न ही खून का रंग कुछ और है
बस फर्क ये की किसी को लोग हिन्दू, तो किसी को मुसलमान कहते है”

“जाती पाती के नाम पर इंसान ने बेच दिया इस जहान को
कुछ इसे कृपा कहते है, कुछ इसे खुदा का फरमान कहते है”

“वो एक ही हस्ती, एक ही वजूद है जिसने ये सारा जहान बनाया है
फर्क इतना की कुछ उसे खुदा तो कुछ उसे भगवान् कहते है”

“कोई पूजे पत्थर को, कोई सजदे में अपना सर झुकाते है
ये एक ही है बस कुछ इसे पूजा, तो कुछ इसे अपना ईमान कहते है”

“एक ही रिवाज़, एक ही रसम, बस कुछ अंदाज़ बदल जाते है
वरना एक ही है जिसे कुछ उपवास, तो कुछ रमज़ान कहते है”

“मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है, हैं दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ ले कुरान,
अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाये सारा हिन्दुस्तान”

“दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि,
मजहब बीच में न आये कभी,
तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो ,
वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी”

“तुम राम कहो, वो रहीम कहें,
दोनों की ग़रज़ अल्लाह से है
तुम दीन कहो, वो धर्म कहें,
मंशा तो उसी की राह से है”

“संस्कार और संस्कृति की शान मिले ऐसे,
हिन्दू मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले ऐसे
हम मिल कर के रहे ऐसे कि
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम बसे जैसे”

“क्यों लड़ता है, मूरख बंदे,
यह तेरी ख़ामख़याली है
है पेड़ की जड़ तो एक वही,
हर मज़हब एक-एक डाली है”

“तुम ऐसे बुरे आमाल पर,
कुछ भी तो ख़ुदा से शर्म करो
पत्थर जो बना रक्खा है ‘शहीद’,
इस दिल को ज़रा तो नर्म करो”

“तुम इश्क कहो, वो प्रेम कहें,
मतलब तो उसकी चाह से है
वह जोगी हो, तुम सालिक हो,
मक़सूद दिले आगाह से है”

“बनवाओ शिवाला, या मस्जिद,
है ईंट वही, चूना है वही
मेमार वही, मज़दूर वही,
मिट्टी है वही, रेत है वही”

“एक ही है सबकी मंजिल बस लफ़्ज़ों के तराने बदल जाते है दोस्तों,
वो एक ही मुकाम है, जिसे कुछ स्वर्ग तो कुछ जन्नत का दरबार कहते है”

“बातें अमन चैन की अब अवाम तक पहुंचने दो
ये नफ़रत की सियासत हिंदू मुसलमान तक न पहुंचने दो”

“आँख वालों को हिन्दु या मुसलमान दिखता है
मैं अंधा हूँ मुझे हर शख्स में इंसान दिखता है”

“भगवा ओढ़े हिंदू, हरा पहने मुसलमान
मैं कौन सा रंग ओढू, जो बन जाऊं इंसान ?”

“मुझे वजह ना दो हिन्दू या मुसलमान होने की,
मुझे तो सिर्फ तालीम चाहिए एक इंसान होने
की”

“ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं,
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं”

“गुलाम थे तो हम सब हिंदुस्तानी थे
आज़ादी ने हमको हिन्दू मुसलमान बना दिया”

“हाकिमे वक्त ने ये कैसा हिन्दुस्तान कर दिया,
बेजान इमारत को हिन्दु मुस्लमान कर दिया”

“में हिन्दू तू मुसलमान, छोड़ ये खींचतान
में केसरिया लाऊं तू हरा ला,
बनाएं एक प्यारा हिंदुस्तान”

“किसी को हिन्दू, किसी को मुसलमान, पसन्द हैं,
मैं छोटा आदमी हूँ, मुझको हिन्दुस्तान पसन्द हैं”

“पाक मुहब्बत थी बचपन में हर इक ज़ात से ,
बड़े हो कर बट गये हैं हिन्दू मुस्लिम की बात से”

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